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Chhatrapati Shivaji Maharaj History Information

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  हमारे भारतीय इतिहास में ऐसे कई बड़े-बड़े पराक्रमी राजा हुए थे जिन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी थी लेकिन कभी भी दुश्मनों के आगे झुके नहीं I और अगर हम बात करते हैं वीर पराक्रमी राजाओं की तो उनमें सबसे पहले हमारी जुबान पर जो नाम आता है वह है  Chhatrapati Shivaji Maharaj  का I जिन्होंने मुगलों के आने के बाद देश में गिरती हुई हिंदू और मराठा संस्कृति को एक नई दिशा दी थी I Chhatrapati Shivaji Maharaj  - छत्रपति शिवाजी महाराज को भारतीय गणराज्य का महानायक माना जाता है और मराठा साम्राज्य का गौरव भी माना जाता है I  छत्रपति शिवाजी महाराज  बहुत ही बुद्धिमान, निडर, बहादुर और एक अच्छे रणनीतिक गए थे I उन्होंने अपनी योग्यता के बल पर मराठा को संगठित करके मराठा साम्राज्य की स्थापना भी की थी I Shivaji Maharaj  एक बहुत ही अच्छे सेनापति भी थे I और कुशल शासक होने के साथ-साथ वह एक बहुत ही अच्छे मार्गदर्शक भी थे I उन्होंने मुगलों के सामने न सिर्फ हिंदू साम्राज्य को स्थापित किया बल्कि हम...

इस बार आठ दिनों में ख़त्म हो जाएंगे नवरात्रे II नवमी को मनाया जाएगा दशहरा

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  इस बार आठ दिनों में ख़त्म हो जाएंगे नवरात्रे II  नवमी को मनाया जाएगा दशहरा इस बार नवरात्र आठ दिन के होंगे। अष्टमी और नवमी तिथियों को दुर्गापूजा एक ही दिन होगी। नवमी की तिथि को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।   पुरुषोत्तममास बीतने के बाद नवरात्र 17 अक्टूबर को प्रारंभ होंगे और विजय दशमी 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। अर्थात नौ दिनों में ही दस दिनों के पर्व। इसका कारण तिथियों का उतार चढ़ाव है। 24 अक्तूबर को सवेरे छह बजकर 58 मिनट तक अष्टमी है और उसके बाद नवमी लग जाएगी।   ज्योतिषाचार्य पंडित प्रियव्रत शर्मा के अनुसार दो तिथियां एक दिन पड़ गईं। इसलिए अष्टमी और नवमी की पूजा एक ही दिन होगी। जबकि नवमी के दिन सवेरे सात बजकर 41 मिनट के बाद दशमी तिथि आ रही है। इस कारण दशहरा पर्व और अपराजिता पूजन एक ही दिन आयोजित होंगे। कुल मिलाकर 17 से 25 अक्टूबर के बीच नौ दिनों में दस पर्व संपन्न हो रहे हैं। नवरात्र का एक दिन घटना ज्योतिषीय दृष्टि...

माता लक्ष्मीं के 18 पुत्रों के नामों का जाप करने से माँ लक्ष्मीन होती हैं प्रसन्न II पूरी करती है मनोकामना

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  माता लक्ष्‍मी के 18 पुत्रों के नामों का जाप करने से माँ लक्ष्‍मी होती हैं प्रसन्न II   पूरी करती है मनोकामना ऐसी मान्‍यता है कि अगर पैसों की परेशानी हो तो मां लक्ष्‍मी ( Maa Lakshmi) के इन 18 पुत्रों का नाम लेने से तुरंत धन लाभ होता है. शुक्रवार ( Friday) को देवी की पूजा में इनके नाम के जाप से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्‍त होती है और समस्‍याओं से छुटकारा मिलता है. शुक्रवार ( Friday) की शाम को मां लक्ष्मी ( Maa Lakshmi) की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि शुक्रवार को विधिवत पूजन से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातकों पर धन वर्षा करती हैं. घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए लोग शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं. कहते हैं कि मां लक्ष्मी की पूजा करने से पैसों ( Money) की कमी कभी नहीं होती है. धर्मग्रंथों में धन समृद्धि की देवी लक्ष्मी को बताया गया है. मां लक्ष्‍मी को भगवान विष्‍णु की अर्धांगिनी के रूप में पूजा जाता है. इन दोनों के 18 पुत्रों का विभिन्‍न ग्रंथों में उल्‍लेख मिलता है. ऐसी मान्‍यता है कि अगर पैसों की परेशानी हो तो मां लक्ष्‍मी के इन 18 प...

शारदीय नवरात्रि में कब किस देवी की होगी पूजा II इस बार घटस्थापना पर बन रहा है विशेष योग II 17 अक्टूबर से नवरात्रा प्रारम्भ

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इस समय अधिकमास चल रहा है . अधिमास के कारण इस बार एक महीने देरी से नवरात्र शुरू होगा . शारदीय नवरात्रि का पर्व इस साल 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है . वहीं , इस बार घटस्थापना पर विशेष संयोग बन रहा है . हिन्दू पंचांग के अनुसार , अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू होती है . इस बार ये तिथि 17 अक्टूबर को है .   घटस्थापना का मुहूर्त प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 17, 2020 को 01:00 एएम प्रतिपदा तिथि समाप्त - अक्टूबर 17, 2020 को 09:08 पीएम आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि , यानी 17 अक्टूबर को घट स्थापना मुहूर्त का समय प्रात : काल 06:27 बजे से 10:13 बजे तक का है . अभिजित मुहूर्त प्रात : काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा .   शारदीय नवरात्रि घटस्थापना घटस्थापना या कलश स्थापना का नवरात्रि में विशेष महत्व है . इसे नवरात्रि के पहला दिन किया जाता है . शुभ मुहुर्त में घट स्थापना पूरे विधि - विधान के साथ की जाती है ...